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Chanakya Niti: रुकिए! हार मानने से पहले पढ़ लें चाणक्य की ये बातें | असफलता से सफलता तक

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Chanakya Niti: हार मानने से पहले पढ़ लें चाणक्य की ये बातें Chanakya Niti: रुकिए! हार मानने से पहले पढ़ लें चाणक्य की ये बातें Chanakya Niti जीवन को समझने का वह शास्त्र है, जो हमें सिखाता है कि हार और जीत बाहरी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि हमारे मन की स्थिति से तय होती है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, असली हार वही है जो इंसान अपने मन में स्वीकार कर लेता है। जीवन में हर व्यक्ति संघर्ष करता है। कोई पढ़ाई में, कोई करियर में, कोई रिश्तों में तो कोई आर्थिक समस्याओं से जूझता है। लेकिन चाणक्य नीति कहती है कि परिस्थितियाँ चाहे जितनी कठिन हों, यदि मन मजबूत है तो हार संभव नहीं। Chanakya Niti के अनुसार असली हार क्या है? आचार्य चाणक्य स्पष्ट कहते हैं कि शारीरिक हार या अस्थायी असफलता कोई हार नहीं होती। असली हार तब होती है, जब इंसान खुद से कह देता है – “अब मुझसे नहीं होगा।” “जो व्यक्ति मन से हार मान लेता है, वह जीते हुए युद्ध में भी हार जाता है।” – चाणक्य नीति आज के समय में यही मानसिक हार सबसे बड़ा कारण है, जिसके कारण लोग अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। ...

Digilocker Se RC Kaise Download Kare (Bike/Car) – 2026 Complete Guide

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Digilocker Se RC Kaise Download Kare (Bike & Car) – Complete Guide Digilocker Se RC Kaise Download Kare? (Quick Answer) Digilocker se RC download karne ke liye aapko DigiLocker app ya website par login karna hota hai, phir “Registration of Vehicles” document search karke apni vehicle RC ko digital form me download kiya ja sakta hai. Digilocker Se RC Download Karne Ke Steps DigiLocker app ya website open karein Mobile number ya Aadhaar se login karein “Search Documents” par click karein Issuing Authority me Ministry of Road Transport & Highways select karein “Registration of Vehicles (RC)” choose karein Vehicle number aur chassis number enter karein “Get Document” par click karke RC download karein Note: DigiLocker se download ki gayi RC traffic police aur RTO ke liye legally valid hoti hai. Aaj ke digital yug me har kaam online ho chuka hai, chahe baat ho document carry karne ki ya verify karne ki. Agar aap apni bike ya car ki R...

27 December 2025 Current affairs

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27 दिसंबर 2025 करंट अफेयर्स MCQ | Today Current Affairs Quiz in Hindi 📌 27 दिसंबर 2025: महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स (MCQs) 27 December 2025 Current Affairs MCQ सभी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, SSC, Banking, Railway, Police, State Exams के लिए बेहद उपयोगी हैं। Q1. भारत का पहला ‘Organised Crime Network Database’ (OCND) लॉन्च किससे जुड़ा है? A) कृषि विकास B) संगठित अपराध और आतंकवाद C) शिक्षा सुधार D) पर्यावरण संरक्षण ✔️ Answer: B (संगठित अपराध और आतंकवाद) Short Note: OCND एक AI-आधारित राष्ट्रीय डेटाबेस है जो संगठित अपराध और आतंकवादी नेटवर्क की पहचान व विश्लेषण में मदद करता है। Q2. Kimberley Process के अध्यक्ष पद को भारत कब ग्रहण करेगा? A) 15 जनवरी 2026 B) 01 जनवरी 2026 C) 31 दिसंबर 2025 D) 10 जनवरी 2026 ✔️ Answer: B (01 जनवरी 2026) Short Note: Kimberley Process का उद्देश्य conflict-free diamonds के व्यापार को बढ़ावा देना है। Q3. SEBI ने किस प्रक्रिया को सरल किया है? A) IPO जारी करना B) डुप्लिकेट सिक्योरिट...

प्रधानमंत्री आवास योजना 2025 | PM Awas Yojana Apply, Status, List, Amount

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प्रधानमंत्री आवास योजना 2025 | PM Awas Yojana की पूरी जानकारी : पीएम आवास योजना  प्रधानमंत्री आवास योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इस पोस्ट में आपको प्रधानमंत्री आवास योजना के फॉर्म, पात्रता, दस्तावेज, नई लिस्ट, पैसे चेक करने का तरीका और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिलेगी। PM Awas Yojana क्या है? इस योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी। P M Awas Yojana का लक्ष्य “सबके लिए आवास” है। यह योजना दो भागों में लागू है: PMAY-G (ग्रामीण क्षेत्र) PMAY-U (शहरी क्षेत्र) शहरी क्षेत्रों के लिए :- pmay-urban.gov.in ग्रामीण क्षेत्रों के लिए :- pmayg.nic.in पीएम आवास योजना के तहत मिलने वाला मकान पक्का मकान (ईंट, सीमेंट, RCC छत) शौचालय, बिजली, पानी और रसोई की सुविधा प्रधानमंत्री आवास योजना के इतने पैसे आपके खाते में आते हैं? ग्रामीण क्षेत्र (PMAY-G): ₹1,20,000 – सामान्य क्षेत्र ₹1,30,000 – पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र शहरी क्षेत्र (PMAY-U): ₹2,50,000 तक की सहायता होम लोन ...
क्या आपने कभी वो महसूस किया है जब एक साल खत्म होता है और अचानक आपको समझ आता है कि आप अब भी वही पुराने आदतों के साथ, वही रूटीन में, और वही पुराने “आप” बनकर जी रहे हैं? तो 2026 में ऐसे कदम मत रखिए। इस बार नहीं। कम से कम तब नहीं, जब आप सच में चाहते हैं कि यह साल आपकी ज़िंदगी में कुछ बदले। क्योंकि यहाँ एक कड़वा सच है। आपकी ज़िंदगी किस्मत से नहीं बदलती। आपकी ज़िंदगी मोटिवेशन से नहीं बदलती। आपकी ज़िंदगी आदतों से बदलती है। वे छोटी-छोटी रोज़ की आदतें, जो आज भले ही छोटी लगें, लेकिन चुपचाप आपका पूरा भविष्य गढ़ती हैं। एक छोटी आदत आपकी सुबह बदल सकती है। और दस छोटी आदतें आपका पूरा साल बदल सकती हैं। आज मैं आपके साथ साझा करने वाला हूँ 10 लाइफ-चेंजिंग आदतें, जो आपकी सुबहों को बदल देंगी, आपके दिमाग को रीसेट करेंगी और आपके पूरे 2026 को नए सिरे से बनाएँगी। अगर आप सच में कमिट करने को तैयार हैं, तो एक नोटबुक और पेन उठाइए। क्योंकि यह कोई “फील-गुड मोटिवेशनल वीडियो” नहीं है। यह 2026 में आपकी ज़िंदगी बदलने का ब्लूप्रिंट है। तो बिना देर किए, चलिए शुरू करते हैं। --- आदत नंबर 1: दुनिया से पहले जागिए यह आदत सुनने ...
  कहते हैं — इंसान की असली पहचान तब सामने आती है जब वो किसी को पाने या खोने के डर में होता है। प्यार जब पवित्रता की हदें पार कर जाता है, तो वही प्यार एक जुनून बन जाता है... और फिर उस जुनून में इंसान सही और गलत का फ़र्क भूल जाता है। उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में हाल ही में कुछ ऐसा ही हुआ — जहाँ एक पत्नी ने अपने ही पति की हत्या की साजिश रच डाली... और वो भी उस शख्स के साथ, जिसे वो सिर्फ़ एक इलैक्ट्रिशियन बताती थी। लेकिन जैसा कहते हैं — कभी-कभी किस्मत भी इंसान के प्लान से बड़ी होती है... और इस बार, मौत के जाल में फँसने से पहले ही सच सामने आ गया। यह कहानी है बरेली के सुभाषनगर की — एक शांत और पॉश इलाका, जहाँ रहती थी एक हाई-प्रोफाइल फैमिली... स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त  नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल सक्सेना, उनकी पत्नी शिखा सक्सेना, और परिवार के बाकी सदस्य। डॉ. विशाल सक्सेना, अपने इलाके के एक जाने-माने डॉक्टर थे — शांत, सौम्य और सामाजिक। उनकी उम्र थी लगभग 60 साल।  लेकिन उनके जीवन में एक तूफान आने वाला था... ऐसा तूफान, जिसकी जड़ें उनके अपने ही घर में थीं। डॉक्टर की पत्नी शिखा ...
 जयपुर शहर के पुराने हिस्से में एक बड़ा रेलवे स्टेशन था — “जयपुर जंक्शन।” हर सुबह जब सूरज की पहली किरण लाल पत्थरों पर पड़ती, तो स्टेशन की सीढ़ियों पर बैठा एक दुबला-पतला किशोर आंखें मलते हुए उठता। उसका नाम था आरिफ़। वह लगभग सत्रह साल का था, पर चेहरा समय से बहुत बड़ा लगने लगा था। पिता सालों पहले गुजर गए थे, माँ बीमार रहती थी, और घर चलाने की जिम्मेदारी उसी पर थी। आरिफ़ स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पुराने जूते पालिश करता था। लोगों के चमकते जूते देखकर उसे लगता, “काश मेरी ज़िंदगी भी इन जूतों की तरह चमक पाती।” कभी-कभी कोई यात्री उसे दो रुपये ज़्यादा दे देता तो वह खुश होकर घर लौटता, माँ के लिए दवा खरीदता और बाकी पैसे मिट्टी के गुल्लक में डाल देता। एक दिन सर्दियों की सुबह, स्टेशन पर हल्की धुंध थी। ट्रेन “अजमेर एक्सप्रेस” रुकी ही थी कि भीड़ के बीच से एक ऊँचे कद का, मोटे कोट में लिपटा व्यक्ति उतरता दिखाई दिया। सूट-बूट, सुनहरी घड़ी, महंगे जूते — देखकर कोई भी कह सकता था कि वह बहुत बड़ा आदमी है। आरिफ़ भागा-भागा उसके पास पहुँचा और बोला, “साहब, जूते पॉलिश करा लीजिए, पाँच रुपये लगेंगे।” वह आदमी बोला, “ह...